
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को घोषणा की कि पार्टी वक्फ संशोधन विधेयक की संवैधानिकता को चुनौती देने के लिए जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। शुक्रवार सुबह राज्यसभा में यह विधेयक पेश किया गया और 128 सांसदों के समर्थन से पारित हो गया।
जयराम रमेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, कांग्रेस बहुत जल्द वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। हमें विश्वास है कि हम भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रावधानों और प्रथाओं पर मोदी सरकार के सभी हमलों का विरोध जारी रखेंगे।
कांग्रेस का यह ऐलान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की घोषणा के ठीक एक दिन बाद आया है। स्टालिन ने भी कहा था कि डीएमके इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
डीएमके सुप्रीमो स्टालिन ने इसे मुस्लिम विरोधी और विवादास्पद विधेयक करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इससे वक्फ बोर्डों की स्वायत्तता कमजोर होगी और मुस्लिम समुदाय के लिए नए खतरे पैदा होंगे।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस विधेयक का कड़ा विरोध किया। उन्होंने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए विधेयक की प्रति फाड़ दी और कहा, गांधी की तरह, मैं भी इस कानून को फाड़ रहा हूं। यह असंवैधानिक है। भाजपा मंदिरों और मस्जिदों के नाम पर देश को बांटना चाहती है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी सरकार की आलोचना करते हुए इसे भूमि हड़पने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, भाजपा को गरीब मुसलमानों की कोई परवाह नहीं है, यह सब दिखावा है।
इससे पहले, बुधवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में यह विधेयक पेश किया था। 12 घंटे की लंबी चर्चा के बाद इसे पारित किया गया, जहां 288 सांसदों ने समर्थन और 232 ने विरोध किया।
रिजिजू ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस विधेयक से लाखों मुसलमानों को फायदा होगा और यह वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार करेगा।
विपक्ष का आरोप है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए लाया गया है, जबकि सरकार का दावा है कि इसका उद्देश्य प्रबंधन में पारदर्शिता लाना है।
कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में वक्फ विधेयक को चुनौती देगी: जयराम रमेश –
Congress will challenge the waqf bill in the supreme court: Jairam ramesh