
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस राम नवमी जैसे धार्मिक त्योहारों को मनाने से लोगों को रोक रही है। अधिकारी ने कहा, हमारे धार्मिक त्योहार मनाना हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन ममता बनर्जी की पुलिस हमें रोक रही है। हर मुद्दे पर हमें हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ता है।
इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को हावड़ा में आयोजित होने वाली राम नवमी रैली को लेकर निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा है कि यह रैली दोपहर 3 से 5 बजे के बीच निकाली जा सकती है, लेकिन इसमें हथियार या मोटरसाइकिल रैली की अनुमति नहीं होगी। रैली का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से, पुलिस की निगरानी में होना चाहिए।
अंजनी पुत्र सेना, विश्व हिंदू परिषद और दुर्गा वाहिनी की 500 लोगों की रैलियों को मंजूरी मिली है। सभी रैलियां एक ही मार्ग जीटी रोड पर होंगी।
राज्य के हावड़ा जिले में राम नवमी को लेकर माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा हुआ है। बाजार और दुकानें झंडों और पोस्टरों से सजी हैं। स्थानीय कार्यकर्ता मुकेश प्रसाद ने बताया, हम राम नवमी की तैयारियों में जुटे हैं। यह पर्व हम लंबे समय से मना रहे हैं और तैयारियां कई दिनों से चल रही हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी 2 अप्रैल को सभी समुदायों से राम नवमी के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, वे राम नवमी पर रैली कर रहे हैं, हम शांति चाहते हैं। हर कोई पूजा करेगा। मैं सभी समुदायों से अनुरोध करती हूं कि शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की दंगा जैसी स्थिति न बनाएं। हम रामकृष्ण और विवेकानंद के मार्ग पर चलेंगे, न कि जुमला पार्टी के।
राम नवमी का पर्व भगवान श्रीराम के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्हें भगवान विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है। यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, जो इस साल 6 अप्रैल को पड़ रही है।
रामनवमी उत्सव को लेकर बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा –
BJP leader suvendu adhikari lashes out at mamata government over ram navami celebration