कांग्रेस के पूर्व नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गांधी द्वारा भगवान राम को पौराणिक चरित्र बताने वाली कथित टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां उन लोगों से आती हैं जिनमें आस्था की कमी होती है।
प्रमोद कृष्णम ने कहा, केवल वही व्यक्ति भगवान राम को भगवान मानता है, जिसकी उनमें आस्था होती है। जिसकी भगवान राम में आस्था नहीं है, वही राम मंदिर और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाता है। यह कोई नई बात नहीं है।
उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीतियों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, राहुल को लगता है कि जाति जनगणना कराकर सत्ता मिल जाएगी। पहले उन्हें लगा कि सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर और सबूत मांगकर उन्हें सत्ता मिल जाएगी। लेकिन भारत के लोग बहुत जागरूक हैं, उन्हें अच्छी तरह पता है कि वे किस जाति से हैं। जातिगत जनगणना से ना भाजपा को नुकसान होगा और ना राहुल गांधी को फायदा मिलेगा।
इसी बीच, राहुल गांधी की नागरिकता पर भी एक बड़ी कानूनी चुनौती सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ सोमवार को राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है।
पिछली सुनवाई में गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट से अदालत असंतुष्ट रही थी, जिसमें स्पष्ट नहीं किया गया था कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या नहीं। अब कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह 5 मई तक संशोधित रिपोर्ट पेश करे जिसमें राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर स्पष्ट जवाब हो।
याचिका में दावा किया गया है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम के भी नागरिक हैं, जो उन्हें भारतीय संसद का सदस्य बनने के लिए अयोग्य बनाता है। भारत का कानून दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता, ऐसे में यह एक गंभीर मामला बन जाता है। गृह मंत्रालय के वकील ने UK सरकार से जानकारी जुटाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।
राहुल गांधी की भगवान राम पर टिप्पणी आस्था की कमी का संकेत: आचार्य प्रमोद –
Rahul gandhi comment on lord ram is a sign of lack of faith: Acharya pramod