प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से 8 दिवसीय विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं, जिसके तहत वे अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के 5 देशों घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील और नामीबिया की यात्रा करेंगे। इस दौरे से पहले त्रिनिदाद एंड टोबैगो की संसद में रखी एक ऐतिहासिक कुर्सी चर्चा में आ गई है, जिसे भारत ने 9 फरवरी 1968 को गिफ्ट किया था। यह कुर्सी भारत और त्रिनिदाद के लोकतांत्रिक और संसदीय संबंधों की गवाही देती है।
त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद में स्पीकर की यह कुर्सी भारत की ओर से उपहार के रूप में दी गई थी। खास भारतीय लकड़ी से बनी इस कुर्सी की नक्काशी में वर्षों लगे और इसे तैयार करने में 6 साल की देरी भी हुई। विदेश मंत्रालय की सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा और राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने हाल ही में इस कुर्सी का ज़िक्र करते हुए इसे दोनों देशों की मैत्री का प्रतीक बताया।
यह ऐतिहासिक कुर्सी उस समय चर्चा में आई जब यह सामने आया कि पीएम मोदी त्रिनिदाद एंड टोबैगो की संसद में इस कुर्सी के सामने भाषण देंगे। त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर के निमंत्रण पर यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी और 1999 के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा मानी जा रही है।
त्रिनिदाद एंड टोबैगो की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित संसद में आज भी यह कुर्सी मौजूद है, जिस पर वर्तमान स्पीकर जगदेव सिंह बैठकर कार्यवाही संचालित करते हैं। यह कुर्सी भारत-त्रिनिदाद रिश्तों की एक ऐतिहासिक मिसाल है।
भारत और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के बीच सांस्कृतिक संबंध 30 मई 1845 से हैं, जब पहला जहाज 225 भारतीय गिरमिटिया मजदूरों को लेकर त्रिनिदाद पहुंचा था। वर्तमान में भारतीय मूल के लोग इस कैरेबियाई देश की आबादी का लगभग 42% हिस्सा हैं और यहां की राजनीति में भी उनकी अहम भूमिका है।
यह ऐतिहासिक यात्रा भारत की विदेश नीति, सांस्कृतिक जुड़ाव और वैश्विक स्तर पर साझेदारियों को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से पहले चर्चा में आई वो कुर्सी जिस पर लिखा है INDIA –
Before PM modi visit to 5 countries, the chair on which INDIA is written came into discussion