सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रावण मास में शिवभक्त पूरे समर्पण के साथ व्रत, पूजा और रुद्राभिषेक करते हैं। मान्यता है कि इस महीने में की गई शिव उपासना विशेष फल देती है। साल 2025 में सावन का आरंभ 11 जुलाई से हो रहा है और पहला सावन सोमवार व्रत 14 जुलाई 2025 को रखा जाएगा।
सावन सोमवार का महत्व
श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि इन व्रतों से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। अविवाहित कन्याएं इस दिन व्रत रखकर योग्य वर की प्राप्ति की कामना करती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं सुख-शांति और संतान की रक्षा के लिए यह उपवास करती हैं।
सावन 2025: पहला सोमवार कब है?
तारीख: 14 जुलाई 2025
व्रत का नाम: प्रथम श्रावणी सोमवार व्रत
महत्व: भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त करने का दिन
सावन सोमवार 2025: शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:16 से 5:04 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:05 से 12:58 तक
अमृत काल – दोपहर 12:01 से 1:39 तक
प्रदोष काल – शाम 5:38 से 7:22 तक
सावन सोमवार की पूजा विधि
1. स्नान और स्वच्छता:
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
2. संकल्प लें:
पूजा स्थान को साफ करके भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
3. पूजा की तैयारी:
भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश की मूर्ति या तस्वीर को पूजा स्थल पर रखें। फूलों से सजाएं और दीप जलाएं।
4. अभिषेक:
शिवलिंग का दूध, दही, शक्कर, शहद और घी से पंचामृत द्वारा अभिषेक करें।
5. मंत्र जप और पाठ:
‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें
शिव चालीसा, रुद्राष्टक या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें।
जानें कब है सावन का पहला सोमवार, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में –
Know when is the first monday of sawan, about the worship method and auspicious time