हिंदू धर्म में सप्ताह के हर दिन किसी न किसी देवी-देवता की पूजा के लिए निर्धारित है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। देवी लक्ष्मी धन, वैभव, सुख और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी हैं। इस दिन भक्तगण देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और विशेष मंत्रों का जप करते हैं। अगर आप भी देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो आइए जानें कौन-कौन से मंत्रों का जाप करें, कितनी बार करें और उनके क्या लाभ होते हैं।
देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने वाले शक्तिशाली मंत्र
1. ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा।
जाप संख्या: 108 बार
लाभ: इस मंत्र के नियमित जप से घर में लक्ष्मी का वास होता है और धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
2. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।
जाप संख्या: 108 बार
लाभ: यह मंत्र देवी लक्ष्मी की सिद्ध स्वरूप में आराधना है, जिससे स्थायी समृद्धि मिलती है।
3. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः।
जाप संख्या: 108 बार
लाभ: यह अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है जो तुरंत फलदायी माना जाता है। इससे मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न होती हैं।
4. ॐ महालक्ष्म्यै नमो नमः।
जाप संख्या: अपनी क्षमता अनुसार
लाभ: यह सरल और प्रभावशाली मंत्र है, जिसे कोई भी व्यक्ति रोजाना जप सकता है।
5. या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी…
लाभ: यह मंत्र देवी लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन करता है और श्रद्धा पूर्वक जप करने से विशेष कृपा मिलती है।
इन मंत्रों के अतिरिक्त, सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए देवी लक्ष्मी के 108 नामों का जाप भी किया जाता है, जो इस प्रकार हैं –
लक्ष्मी जी के 108 नाम
प्रकृती, विकृती, विद्या, सर्वभूतहितप्रदा, श्रद्धा, विभूति, सुरभि, परमात्मिका, वाचि, पद्मलया, पद्मा, शुचि, स्वाहा, स्वधा, सुधा, धन्या, हिरण्मयी, लक्ष्मी, नित्यपुष्टा, विभा, आदित्य, दित्य, दीपायै, वसुधा, वसुधारिणी, कमलसम्भवा, कान्ता, कामाक्षी, क्ष्रीरोधसंभवा, क्रोधसंभवा, नुग्रहप्रदा, बुध्दि, अनघा, हरिवल्लभि, अशोका, अमृता, दीप्ता, लोकशोकविनाशि, धर्मनिलया, करुणा, लोकमात्रि, पद्मप्रिया, पद्महस्ता, पद्माक्ष्या, पद्मसुन्दरी, पद्मोद्भवा, पद्ममुखी, पद्मनाभाप्रिया, रमा, पद्ममालाधरा, देवी, पद्मिनी, पद्मगन्धिनी, पुण्यगन्धा, सुप्रसन्ना, प्रसादाभिमुखी, प्रभा, चन्द्रवदना, चन्द्रा, चन्द्रसहोदरी, चतुर्भुजा, चन्द्ररूपा, इन्दिरा, इन्दुशीतला, आह्लादजननी, पुष्टि, शिवा, शिवकरी, सत्या, विमला, विश्वजननी, तुष्टि, दारिद्र्यनाशिनी, प्रीतिपुष्करिणी, शान्ता, शुक्लमाल्यांबरा, श्री, भस्करि, बिल्वनिलया, वरारोहा, यशस्विनी, वसुन्धरा, उदारांगा, हरिणी, हेममालिनी, धनधान्यकी, सिध्दि, स्त्रैणसौम्या, शुभप्रदा, नृपवेश्मगतानन्दा, वरलक्ष्मी, वसुप्रदा, शुभा, हिरण्यप्राकारा, समुद्रतनया, जया, मंगला देवी, विष्णुवक्षस्स्थलस्थिता, विष्णुपत्नी, प्रसन्नाक्षी, नारायणसमाश्रिता, दारिद्र्यध्वंसिनी, देवी, सर्वोपद्रव वारिणी. नवदुर्गा, महाकाली, ब्रह्माविष्णुशिवात्मिका, त्रिकालज्ञानसम्पन्ना, भुवनेश्वरी
शुक्रवार को देवी लक्ष्मी के इन शक्तिशाली मंत्रों का करें 108 बार जाप, मिलेगी सुख-समृद्धि और दूर होंगी सभी बाधाएं –
Chant these powerful mantras of goddess lakshmi 108 times on friday, you will get happiness and prosperity and all obstacles will be removed