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एजबेस्टन में हार के बाद माइकल एथरटन ने उठाए सवाल – गिरती फॉर्म के बीच स्टोक्स की कप्तानी सबसे बड़ी परीक्षा - After the defeat at edgbaston, Michael atherton raised questions – Stokes captaincy is the biggest test amid declining form

एजबेस्टन में हार के बाद माइकल एथरटन ने उठाए सवाल – गिरती फॉर्म के बीच स्टोक्स की कप्तानी सबसे बड़ी परीक्षा – After the defeat at edgbaston, Michael atherton raised questions – Stokes captaincy is the biggest test amid declining form

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भारत के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में इंग्लैंड की हार के बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन ने मौजूदा कप्तान बेन स्टोक्स की बल्लेबाजी फॉर्म और नेतृत्व क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एथरटन का मानना है कि भारत के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज, स्टोक्स के लिए अब तक की सबसे कठिन कप्तानी चुनौती है।

एथरटन ने अपने कॉलम में लिखा है कि स्टोक्स की बल्लेबाजी फॉर्म पिछले कुछ वर्षों में लगातार गिरती जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब उन्हें टीम का नेतृत्व करते हुए मिसाल पेश करनी चाहिए थी।

एथरटन ने लिखा, स्टोक्स ने आखिरी शतक दो साल पहले लॉर्ड्स में एशेज टेस्ट में लगाया था। तब से उनकी बल्लेबाजी लगातार खराब होती गई है। लगातार दो टेस्ट में खराब निर्णय, भारी हार और कम आराम ने उनकी लय को और बिगाड़ा है।

उन्होंने यह भी बताया कि टेस्ट क्रिकेट को छोड़कर अन्य फॉर्मेट से दूरी बनाने का असर भी उनकी लय पर पड़ा है। स्टोक्स अब केवल टेस्ट क्रिकेट तक सीमित हैं वो भी कभी-कभी अपनी मर्जी से। ऐसे में जब टीम को आगे बढ़ाने की जरूरत है, वह खुद लय में नहीं हैं।

एथरटन ने शुभमन गिल की तारीफ करते हुए लिखा कि भारतीय बल्लेबाज ने जिस धैर्य और दूरदर्शिता के साथ इस सीरीज में बल्लेबाजी की है, वो काबिल-ए-तारीफ है।

जहां स्टोक्स स्पिन के खिलाफ असहज दिखे हैं, वहीं गिल ने पूरी तरह नियंत्रण में खेला। इंग्लैंड की योजना गिल को उनके स्टंप्स पर गेंदबाजी कर आउट करने की थी, लेकिन उन्होंने कोई मौका नहीं दिया।

उन्होंने जोड़ा कि गिल मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तरोताजा लगते हैं, जबकि स्टोक्स थकान और दबाव से जूझते नजर आ रहे हैं।

एथरटन का मानना है कि इंग्लैंड को तेज़ गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन दोनों को लॉर्ड्स टेस्ट में मौका मिलना चाहिए।

भले ही आर्चर ने चार साल में सिर्फ एक फर्स्ट क्लास मैच खेला हो, लेकिन 2019 की तरह अगर उन्हें उतारा जाए, तो वे असरदार साबित हो सकते हैं। एटकिंसन के बारे में उन्होंने कहा, गस ने लॉर्ड्स में दो टेस्ट में 19 विकेट लिए हैं। हालांकि वह हाल में फिटनेस समस्या से जूझे हैं, लेकिन अगर फिट हैं, तो उन्हें मौका मिलना चाहिए।

एथरटन ने 36 वर्षीय क्रिस वोक्स के हालिया प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए हैं, जिनका इस सीरीज में औसत 96 रहा है। उन्होंने सैम कुक को विकल्प बताया, जिन्होंने अपने एकमात्र टेस्ट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

हालांकि एथरटन का कहना है कि स्टोक्स को घबराकर बड़े बदलाव नहीं करने चाहिए। मैं बल्लेबाजी क्रम पर भरोसा रखूंगा और सीम अटैक को तरोताजा करूंगा टंग और कार्से की जगह आर्चर और एटकिंसन को मौका दूंगा, उन्होंने कहा।

अंत में एथरटन ने दो टूक कहा, फिलहाल, आप गिल की जगह रहना चाहेंगे, इंग्लैंड की नहीं। स्टोक्स के लिए यह नेतृत्व की सबसे कठिन परीक्षा बन चुकी है।

 

एजबेस्टन में हार के बाद माइकल एथरटन ने उठाए सवाल – गिरती फॉर्म के बीच स्टोक्स की कप्तानी सबसे बड़ी परीक्षा –

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