राजकुमार – भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में गौतम गंभीर का अब तक का सफर खासा उतार-चढ़ाव भरा रहा है, विशेषकर टेस्ट क्रिकेट में। गंभीर की कोचिंग में भारत ने अपनी पहली टेस्ट सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 2-0 से क्लीन स्वीप किया, लेकिन इसके बाद प्रदर्शन में गिरावट देखी गई।
भारतीय टीम को घरेलू मैदान पर ही न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 3-0 से टेस्ट सीरीज़ हार का सामना करना पड़ा, जो कि बीते 12 वर्षों में भारत की पहली घरेलू टेस्ट सीरीज़ हार थी। इसके बाद टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी सरज़मीं पर खेलते हुए 1-3 से टेस्ट सीरीज़ गंवा दी, जिससे भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में जगह बनाने से चूक गया।
गंभीर की कोचिंग का एक उज्ज्वल पक्ष हाल ही में इंग्लैंड में खेली गई टेस्ट सीरीज़ रही, जहाँ भारत ने दो मैच हारने के बावजूद 2-2 से सीरीज़ ड्रॉ की। यह सीरीज़ और भी खास बन गई क्योंकि यह विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास के बाद भारत की पहली टेस्ट सीरीज़ थी। वहीं, जसप्रीत बुमराह भी सीरीज़ के सभी मैचों में उपलब्ध नहीं थे, जिससे टीम की चुनौतियाँ और बढ़ गई थीं।
इन तमाम चुनौतियों और आलोचनाओं के बीच, भारतीय ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने गंभीर का समर्थन करते हुए उनकी कोचिंग शैली की सराहना की। उन्होंने कहा हमने हमेशा उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में देखा है जो टीम के लिए लड़ने को तैयार रहते हैं। हडल्स के दौरान भी वह वही ऊर्जा हममें भरते हैं, जो उन्होंने अपने खेल के दिनों में दिखाई थी। उन्होंने देश और राज्य के लिए ट्रॉफ़ियाँ जीती हैं, और वही अनुभव अब वह कोचिंग में टीम को दे रहे हैं। आलोचनाएँ आती-जाती रहेंगी, लेकिन एक टीम के तौर पर जीत मायने रखती है। मेरा मानना है कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।
शार्दुल ने बताया कि विराट और रोहित की अनुपस्थिति, मोहम्मद शमी की गैरमौजूदगी, और सीमित अनुभव के बावजूद टीम ने जुझारूपन दिखाया। उन्होंने कहा जब आपकी पीठ दीवार से सटी होती है, तो पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं होता। हम जानते थे कि हमारे पास सीमित अनुभव है लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं हारी। हमारे पास बुमराह और सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज़ थे, लेकिन बल्लेबाज़ी क्रम काफी युवा था।
गौती भाई हमेशा कहते थे तुम भाग्यशाली हो कि तुम अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हो। अगर तुममें आत्मविश्वास है, तो कोई भी टीम तुम्हें रोक नहीं सकती। यही विचार टीम को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। युवा खिलाड़ी दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा साबित करने को बेताब रहते हैं, और इसी जोश ने टीम का मनोबल बढ़ाया।
टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी ने मुख्य कोच गौतम गंभीर की आलोचना का कड़ा जवाब दिया –
Team india star player strongly countered the criticism of head coach gautam gambhir