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जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और भूस्खलन से भारी तबाही, 10 लोगों की मौत, बचाव अभियान जारी - Cloudburst and landslide cause massive destruction in jammu and kashmir, 10 dead, rescue operation underway

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और भूस्खलन से भारी तबाही, 10 लोगों की मौत, बचाव अभियान जारी – Cloudburst and landslide cause massive destruction in jammu and kashmir, 10 dead, rescue operation underway

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संदीप – राज्य के रामबन और रियासी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बादल फटने की वजह से अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाएं सामने आई हैं।

अब तक की जानकारी के मुताबिक, रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में क्लाउडबर्स्ट के चलते 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 लोग लापता हैं। वहीं रियासी जिले के महौरा क्षेत्र में भूस्खलन के कारण 7 लोगों की जान चली गई, जब पहाड़ का मलबा एक घर पर आ गिरा।

प्रशासन ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन की वजह से कई मकान पूरी तरह बह गए हैं और कई अन्य को गंभीर नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। रेस्क्यू टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं और प्रभावितों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं जहां भोजन, पानी और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अगस्त 2025 के दौरान जम्मू-कश्मीर के जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी और डोडा जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। एक सप्ताह में 36 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले रियासी और डोडा में 9 मौतें दर्ज की गई हैं।

सड़कों के अवरुद्ध होने, नदियों के उफान पर आने और गांवों में बाढ़ जैसे हालात बनने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चिशोटी गांव में एक भीषण क्लाउडबर्स्ट हुआ। यह गांव माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर स्थित है और समुद्र तल से करीब 9,000 फीट की ऊंचाई पर है।

इस हादसे में 60 लोगों की मौत, कई घायल और दर्जनों लापता हो गए। तेज बहाव ने श्रद्धालुओं के कैंप, पुल और घरों को अपने साथ बहा दिया।

हैरानी की बात यह रही कि घटना से पहले इलाके में सामान्य बारिश थी, लेकिन क्लाउडबर्स्ट ने कुछ ही मिनटों में तबाही मचा दी।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जब किसी सीमित इलाके (20–30 वर्ग किलोमीटर) में एक घंटे में 10 सेंटीमीटर या अधिक बारिश होती है, तो उसे क्लाउडबर्स्ट कहा जाता है।

यह घटना विशेषकर पहाड़ी इलाकों में होती है, जहां नमी से भरी मानसूनी हवाएं पहाड़ों से टकरा कर ऊपर उठती हैं और फिर अचानक भारी वर्षा के रूप में गिरती हैं। इससे फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइड और बर्फीले क्षेत्रों में ग्लेशियर फटने जैसी आपदाएं हो सकती हैं।

जलवायु परिवर्तन के कारण क्लाउडबर्स्ट की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अब ये घटनाएं न केवल अधिक बार हो रही हैं बल्कि अधिक तीव्रता से भी सामने आ रही हैं।

इन आपदाओं से जहां जान-माल का भारी नुकसान होता है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जीवनशैली और सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और नालों से दूर रहें, सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बचाव दल और एनडीआरएफ टीमें तैनात की जाएंगी।

 

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और भूस्खलन से भारी तबाही, 10 लोगों की मौत, बचाव अभियान जारी –

Cloudburst and landslide cause massive destruction in jammu and kashmir, 10 dead, rescue operation underway

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