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तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल को लेकर UFBU की जालंधर इकाई ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल को लेकर UFBU की जालंधर इकाई ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

कन्वीनर एस.पी.एस. विर्क की अध्यक्षता में हुई प्रेस वार्ता, को-कन्वीनर विनय डोगरा रहे मौजूद; पांच दिवसीय बैंकिंग, पर्याप्त स्टाफ, न्यायपूर्ण PLI और लंबित मांगों को लेकर उठाई आवाज

जालन्धर शनिवार, 26 सितंबर 2026

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की जालंधर इकाई द्वारा 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल के संबंध में आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता UFBU के कन्वीनर एस.पी.एस. विर्क ने की। उनके साथ को-कन्वीनर विनय डोगरा तथा विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, पर्याप्त स्टाफ की भर्ती, कार्यस्थल पर बढ़ते दबाव, न्यायपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) तथा कर्मचारियों के बेहतर कार्य-जीवन संतुलन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

पांच दिवसीय बैंकिंग का समझौता लागू करने की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि मार्च 2024 के वेतन समझौते के दौरान सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने संबंधी सहमति बनी थी। इसके बावजूद पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था अभी तक लागू नहीं हो पाई है। UFBU ने 22 सितंबर को हुई सुलह वार्ता में कोई ठोस समाधान न निकलने के बाद तीन दिवसीय हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।

एस.पी.एस. विर्क ने प्रेस वार्ता में बैंक कर्मचारियों की समस्याओं और संगठनों की मांगों की जानकारी दी। इस दौरान कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार, शाखाओं में स्टाफ की कमी, निर्धारित कार्य समय के बाद भी काम करने तथा कार्यालय समय के अतिरिक्त आने वाले आधिकारिक संदेशों जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रतिनिधियों ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी सुविधाओं के विस्तार के साथ बैंकिंग व्यवस्था में व्यापक बदलाव आए हैं। ऐसे में कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराने और पर्याप्त भर्ती करने की आवश्यकता है।

*बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगें*

 

1. सभी शनिवार को अवकाश घोषित कर पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करना।

2. बैंकों में पर्याप्त कर्मचारियों और अधिकारियों की भर्ती करना।

3. न्यायपूर्ण और पारदर्शी PLI व्यवस्था सुनिश्चित करना।

4. कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार और कार्यालय समय के बाद काम के दबाव का समाधान करना।

5. पिछले वेतन समझौते के शेष लंबित मुद्दों का समाधान करना।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूनियन प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित हड़ताल के दौरान कर्मचारी अपनी मांगों को सामूहिक रूप से उठाएंगे। UFBU ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी घोषणा की है।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधनों ने यूनियनों से प्रस्तावित हड़ताल टालने तथा शेष मुद्दों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की अपील की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग इस अवसर पर कवंल जीत सिंह कालड़ा (बैंक ऑफ़ बड़ौदा) सुनील कपूर (स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया)राजकुमार भगत (यूको बैंक)हरिंदर सिंह वीर (यूको बैंक) जगप्रीत सिंह (पंजाब एंड सिंध बैंक)मुनीश कुमार पंजाब नेशनल बैंक,सनी शर्मा (पंजाब नेशनल बैंक) डिंपल नंदा (पंजाब नेशनल बैंक) समीर लांबा (केनरा बैंक)तरुण शर्मा (केनरा बैंक) सुनील कपूर (स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया) बलजीत कौर (सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया)सहित विभिन्न बैंक संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।

तीन दिवसीय हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नकद लेन-देन, चेक क्लीयरिंग और शाखाओं से संबंधित अन्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग और एटीएम जैसी सेवाएं उपलब्ध रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्राहकों की सुविधा के लिए वित्त मंत्रालय ने रविवार, 27 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की शाखाएं सामान्य रूप से खोलने की विशेष व्यवस्था की घोषणा की है।

फोटो कैप्शन: प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के कन्वीनर एस.पी.एस. विर्क, को-कन्वीनर विनय डोगरा एवं अन्य साथी।

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