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परमार्थी जिंदगी से होती है आनंद की प्राप्ति - गुरु माँ - Happiness is achieved by a charitable life - Guru maa

परमार्थी जिंदगी से होती है आनंद की प्राप्ति – गुरु माँ – Happiness is achieved by a charitable life – Guru maa

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जालंधर, जतिन बब्बर – सर्व सांझा रूहानी मिशन के संस्थापक ब्रह्मलीन संत श्री जीवन वीर जी महाराज के जन्म दिवस के उपलक्ष में हो रहे सत्संग में गुरु रजनी मां जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि आदमी की स्वार्थी सोच ही आदमी को तंग करती है।स्वार्थी आदमी खुशक और नीरस स्वभाव का बन जाता है, जिससे उसका जीना अपने लिए ही बोझ बन जाता है।

दुनिया में वही आदमी आनंदित हुआ जिसने परमार्थी जीवन व्यतीत किया परमार्थ का मायना ज़िंदगी में कुछ बांटने से है बांटने के लिए चाहिए कुछ वस्तु, वह सर्वश्रेष्ठ वस्तु प्रेम है।जिस तरह प्रेम मय होकर किसी से हम मुस्कुरा कर बात करते हैं। उसी समय दोनों में आनंद की लहर आ जाती है। मनुष्य प्रेम मय होने की विधि सत्संग में आकर सतगुरु से सीखता है।

फिर गुरु माँ सहित बच्चों ने जीवन वीर जी के जन्म दिवस के उपलक्ष में केक काटा तथा सर्व सांझा रूहानी मिशन की तरफ से जरूरतमंद लोगों को आटे की थैलियां दी गई तथा बच्चों को स्टेशनरी का सामान दिया गया।

इस अवसर पर सुभाष अरोड़ा, प्रेम अरोड़ा, तरुण कुमार, रोहित अरोड़ा, प्रवीण कुमार, अलायन्स क्लब जालंधर से कुलविंदर फुल तथा केवल कृष्ण , तरसेम थापा , अशोक लाडी , नरेश कुमार, मोगा से विमल कुमार, कंचन रानी, रितु मल्होत्रा, रजनी अरोड़ा, जीविका कालड़ा, मीनू , बटाला से पूनम अरोड़ा , पिंकी नारंग , आदर्श गुप्ता , हिमांशी अरोड़ा, राज विजय , रितिका , राज राहुल , सुनीता सरीन , रिया मक्कड़, कृष्ण कालड़ा , उर्मिल ज्योति , सुनैना मक्कड़ , महक अरोड़ा , मान्या मक्कड़ , अंजू , कांता रानी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।

 

परमार्थी जिंदगी से होती है आनंद की प्राप्ति – गुरु माँ –

Happiness is achieved by a charitable life – Guru maa

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