बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले जा रहे भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरे टेस्ट मैच में शुभमन गिल ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। गिल ने मैच की पहली पारी में 269 रन बनाए और दूसरी पारी में 161 रन की शानदार पारी खेली, जिससे भारत ने इंग्लैंड के सामने 608 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य रखा। टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसी बल्लेबाज ने एक ही टेस्ट में दोहरा शतक और 150+ रन बनाए हों।
गिल की इस धमाकेदार बल्लेबाजी ने उन्हें एक ऐतिहासिक क्लब में शामिल कर दिया, जिसमें वे एक टेस्ट मैच में 400 से ज्यादा रन बनाने वाले पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं। भारत ने चौथे दिन चाय के बाद अपनी दूसरी पारी 427/6 पर घोषित की।
इंग्लैंड को सीरीज में 2-0 की बढ़त लेने के लिए अब 608 रन बनाने हैं, जो टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश होगी। इससे पहले, किसी टीम ने टेस्ट में चौथी पारी में सबसे बड़ा लक्ष्य 418 रन (वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2003, सेंट जॉन्स) ही हासिल किया है।
चौथे दिन के खेल की समाप्ति तक इंग्लैंड की टीम 72/3 के स्कोर पर थी और अंतिम दिन उसे जीत के लिए 536 रनों की दरकार है। भारत के लिए मोहम्मद सिराज और आकाश दीप ने एक बार फिर शानदार गेंदबाज़ी करते हुए इंग्लिश टॉप ऑर्डर को हिला दिया। सिराज ने जैक क्रॉली को शून्य पर आउट किया, जबकि आकाश दीप ने बेन डकेट (25) और जो रूट (6) को क्लीन बोल्ड किया।
इंग्लैंड के लिए पहली पारी में हैरी ब्रूक ने 158 रनों की पारी खेली थी और अब वे दूसरी पारी में भी 15 रन बनाकर क्रीज पर टिके हुए हैं। लेकिन भारत की धारदार गेंदबाज़ी और विशाल लक्ष्य को देखते हुए इंग्लैंड की राह बेहद कठिन लग रही है, भले ही उनका बज़बॉल खेलने का अंदाज़ कुछ भी कहे।
रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के बाद शुभमन गिल को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पहले टेस्ट में हार के बावजूद गिल ने अब तक चार पारियों में तीन शतक लगाकर साबित किया है कि वह कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी शानदार फॉर्म में हैं।
गिल का यह प्रदर्शन भारत को न केवल इस मैच में जीत की ओर ले जा रहा है, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में उनकी परिपक्वता और नेतृत्व क्षमता को भी साबित कर रहा है।
शुभमन गिल ने रचा इतिहास, टेस्ट क्रिकेट के 148 सालों में ऐसा करने वाले बने पहले खिलाड़ी –
Shubman gill created history, became the first player to do so in 148 years of test cricket