जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए पटाखों की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 8 नवंबर 2026 से 7 जनवरी 2027 तक लागू रहेंगे। जारी आदेशों के अनुसार पुलिस कमिश्नरेट जालंधर की सीमा में केवल अधिकृत लाइसेंसशुदा दुकानों पर ही पटाखों की बिक्री की जा सकेगी। लाइसेंसधारक दुकानदार केवल ग्रीन पटाखे ही बेच सकेंगे।
इसके अलावा पटाखे केवल लाइसेंसशुदा फैक्ट्रियों और अधिकृत कंपनियों से ही खरीदे जा सकेंगे। विदेशी मूल के पटाखों को रखने, प्रदर्शित करने और बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। खिलौनों और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के रूप में आयातित पटाखों पर भी पाबंदी लगाई गई है। आदेशों में पटाखे चलाने के लिए समय भी निर्धारित किया गया है। दिवाली के अवसर पर रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी। क्रिसमस और नए साल पर रात 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे। वहीं गुरुपर्व के अवसर पर सुबह 4 बजे से 5 बजे तक और रात 9 बजे से 10 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति होगी। पुलिस कमिश्नर ने साइलेंस जोन, जिनमें अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं, में किसी भी समय पटाखे चलाने पर रोक लगाई है। इसके अलावा सूचीबद्ध गांवों की सीमा के अंदर तथा इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के तेल टर्मिनलों के 500 गज के दायरे में भी पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। पर्यावरण को होने वाले नुकसान को ध्यान में रखते हुए लड़ियों और अन्य जुड़े हुए पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे पटाखों से वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ ठोस कचरे की समस्या बढ़ती है। आदेशों के मुताबिक पुलिस कमिश्नरेट जालंधर की सीमा में अधिकृत लाइसेंसशुदा स्थानों के अलावा किसी अन्य जगह पर पटाखों का भंडारण नहीं किया जा सकेगा। पुलिस प्रशासन ने सभी दुकानदारों और आम लोगों को इन आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।