You are currently viewing मिन्नतें तरलों से पराली जलाना बंद नहीं करेगा किसान, पराली को मंडी और उचित दाम दे सरकार – लायन एस एम सिंह

मिन्नतें तरलों से पराली जलाना बंद नहीं करेगा किसान, पराली को मंडी और उचित दाम दे सरकार – लायन एस एम सिंह

मिन्नतें तरलों से पराली जलाना बंद नहीं करेगा किसान, पराली को मंडी और उचित दाम दे सरकार – लायन एस एम सिंह

जालंधर: आज पंजाब के खेतों में फिर वही धुआँ उठ रहा है लेकिन थोड़ा कम, दिल्ली में फिर मास्क बिकेंगे, और फिर हम किसान को गाली देंगे। किसान अपराधी नहीं, मजबूर हैं, पराली कचरा नहीं, उनकी दूसरी फसल है। इसे अन्य फसलों की भांति मंडी और उचित दाम दो।

पर्यावरणविद्, बहुउद्देशीय स्वयंसेवी संगठन दिशा दीप के संस्थापक व चीफ़ लायन एस एम सिंह ने कहा कि 2020 में 76,590 आग, 2025 में 5,114 आग। 86% कमी आई है। इसका मतलब किसान सुधरना चाहता है। पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अनुसार 2024 में 2 करोड़ से ज्यादा जुर्माना, 3500 FIR, 5400 रेड एंट्री। 2025 में 1.03 करोड़ जुर्माना, 1574 FIR। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने खुद कहा – “ये जुर्माना नॉमिनल है, 2500 रुपया लेकर क्या रोक लोगे?” किसान को 15 दिन में धान काट कर गेहूं बोना है। ताजा आंकड़ा – 9 अक्टूबर 2026 तक पंजाब में 109 केस दर्ज, अमृतसर में 59, तरनतारन में 26।

पराली जलाने का परिणाम यह है कि एक टन पराली जलने से 3 किलो PM, 60 किलो कार्बन मोनोऑक्साइड, 1460 किलो CO2 निकलती है। जमीन मर जाती है – 1 CM अंदर तक गर्मी जाती है, केंचुआ और मित्र कीट मर जाते हैं, 80% नाइट्रोजन उड़ जाती है, अगली बार 20% ज्यादा यूरिया डालना पड़ता है। एक टन पराली जलने से 380 लीटर पानी भाप बन जाता है। और मेरे 4 विरासती पेड़ – टाहली, पीपल, बोहड़, नीम – उनकी जड़ें इस आग से झुलस जाती हैं।

सरकार की योजना 2026-27 में बेशक 600 करोड़ रुपए का बजट, 1,58,898 मशीनें, 1151 नए CHC, शाम 3 से 9 बजे ड्रोन निगरानी, ईंट भट्ठों में 20% पेलेट अनिवार्य, कागज पर अच्छी है, पर किसान कहता है “मशीन मिलती नहीं, डीजल महंगा है।”

दंड नहीं, इनाम व प्रोत्साहन है इसका समाधान। पराली न जलाने पर 2500 रु/एकड़ DBT दिया जाए। 75 लाख एकड़ x 2500 = 1875 करोड़। दिल्ली में स्मॉग की बीमारी पर 5000 करोड़ से ज्यादा खर्च होता है, उससे सस्ता है। पेड़ + पराली डबल बोनस योजना पर अमल करें, टाहली, पीपल, बोहड़, नीम बचाने पर 500 रु/पेड़/साल सहायता राशि दे सरकार। अन्य फसलों की भांति पराली का MSP 1500 रु प्रति टन निश्चित करे। मैं जालंधर में पहला बायोमास डिपो खोलने को तैयार हूं। CSIR तकनीक से बायो-बिटुमेन सड़क का तारकोल बनाया जा सकता है जिससे 70% प्रदूषण कम होता है। गडकरी जी ने समर्थन किया है। जीरो बर्निंग पंचायत को 51,000 रु पराली रक्षक अवार्ड, पुरानी रेड एंट्री माफ कर इस समस्या को नकेल डाली जा सकती है।

About The Author

Leave a Reply