इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए कठिन सवालों का डटकर सामना किया। गंभीर ने टीम के निचले क्रम के बल्लेबाजों, ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर और कप्तान शुभमन गिल का मजबूती से बचाव किया और कहा कि हार का ठीकरा किसी एक पर नहीं फोड़ा जा सकता।
जब पत्रकारों ने टीम के 8 से 11 नंबर तक के बल्लेबाजों द्वारा दोनों पारियों में मिलाकर केवल 9 रन बनाने पर सवाल उठाया, तो गंभीर ने उन्हें तुरंत समर्थन देते हुए कहा ऐसा नहीं है कि वे खुद को लागू नहीं कर रहे थे। कभी-कभी लोग असफल हो जाते हैं, और यह ठीक है। वे खुद सबसे ज़्यादा निराश हैं। अगर हम पहली पारी में 570-580 तक पहुंचते, तो मुकाबले पर पकड़ बना सकते थे।
गंभीर ने स्पष्ट किया कि टीम एकजुट होकर खेलती है चाहे जीत हो या हार। हम साथ जीतते हैं, साथ हारते हैं। यह कहना सही नहीं कि केवल टेल के कारण हम मैच हारे। और भी कई पल थे जब हम टेस्ट मैच जीत सकते थे।
जब शार्दुल ठाकुर के मैच में केवल दो विकेट लेने पर सवाल उठे, तो गंभीर ने रिपोर्टर को यह कहकर टोका कि शार्दुल को गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में शामिल किया गया था, न कि विशेषज्ञ गेंदबाज के रूप में। शार्दुल का उपयोग थोड़ा कम हुआ, लेकिन जडेजा की कसी हुई गेंदबाजी के कारण कप्तान ने ऐसा निर्णय लिया। शार्दुल ने दो अहम विकेट लिए, जो टीम को वापस मुकाबले में लेकर आए।
पहले टेस्ट में कप्तान के रूप में शुभमन गिल की शुरुआत हार के साथ हुई, जिस पर गंभीर ने विश्वास जताते हुए कहा पहला टेस्ट मैच, जाहिर है, घबराहट रहती है। लेकिन गिल में एक सफल कप्तान बनने के सभी गुण हैं। उन्हें बस समय की जरूरत है।
गंभीर ने गिल की बल्लेबाजी की भी तारीफ की और कहा कि कप्तानी का पहला अनुभव कठिन होता है, लेकिन गिल एक सच्चे पेशेवर की तरह इससे बाहर निकलेंगे।
गौतम गंभीर ने भारत की हार पर तोड़ी चुप्पी, कहा- यहां बैठकर किसी एक को दोष नहीं दूंगा –
Gautam gambhir broke his silence on india defeat, said- I will not sit here and blame anyone