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पीर बाबा नूर शाह जी एवं पीर बाबा मस्त जी की दरगाह पर पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू ने टेका मत्था, देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की

पीर बाबा नूर शाह जी एवं पीर बाबा मस्त जी की दरगाह पर पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू ने टेका मत्था, देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की

जालंधर: पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू ने आज पीर बाबा नूर शाह जी एवं पीर बाबा मस्त जी की पावन दरगाह पर पहुंचकर श्रद्धापूर्वक हाजिरी लगाई तथा देश, प्रदेश और समाज की सुख-समृद्धि, अमन-शांति एवं भाईचारे की अरदास की।

इस अवसर पर दरगाह के डेरा मुखी सेवादार सतनाम शाह जी ने पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू का स्वागत किया तथा उन्हें दरगाह का आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

सुशील कुमार रिंकू ने कहा कि पीर बाबा नूर शाह जी और पीर बाबा मस्त जी ने अपने जीवन के माध्यम से प्रेम, मानवता, सेवा, समानता और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। उनकी पावन दरगाह आज भी हर धर्म, जाति और वर्ग के लोगों की आस्था का केंद्र है, जहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ माथा टेकने आते हैं और असीम आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा से संतों, महापुरुषों और सूफी फकीरों की धरती रही है। पीर-फकीरों की शिक्षाएं हमें नफरत छोड़कर प्रेम, भाईचारे और इंसानियत के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। ऐसे पवित्र धार्मिक स्थल समाज में एकता, सामाजिक समरसता और आपसी विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सुशील कुमार रिंकू ने कहा कि आज के समय में हमें पीर-फकीरों की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है, ताकि समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव का वातावरण और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना करते हुए देश और पंजाब की निरंतर तरक्की एवं खुशहाली के लिए भी अरदास की।

इस अवसर पर मनोज अग्रवाल, रविंदर सोनकर, शाम लाल, मोहिंदर सिंह तथा सोनी (वट्टा) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने पीर बाबा नूर शाह जी एवं पीर बाबा मस्त जी की पावन दरगाह पर माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा देश, प्रदेश और समाज में सुख-शांति, भाईचारे एवं समृद्धि की कामना की। सभी श्रद्धालुओं ने पीर-फकीरों की शिक्षाओं को अपनाकर मानव सेवा, आपसी प्रेम और सामाजिक सद्भाव को आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।

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