तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों लॉर्ड्स में मिली हार के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। एजबेस्टन में दूसरे टेस्ट में 430 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन करने वाली टीम तीसरे मैच में मात्र 193 रनों का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाई, और इस नाकामी की गिल की बल्लेबाजी और कप्तानी पर भी उठ रही हैं।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने इस मौके पर गिल के स्वभाव और मानसिकता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जियोहॉटस्टार से बातचीत में कहा कि जब इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने गिल को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं, तो युवा कप्तान का आत्मविश्वास डगमगा गया, जबकि विराट कोहली जैसे खिलाड़ी ऐसी परिस्थितियों में और मजबूत बनकर उभरते हैं।
जब गिल चौथे दिन बल्लेबाज़ी के लिए उतरे, तो मुझे उम्मीद थी कि इंग्लैंड उन्हें चिढ़ाएगा। लेकिन मैं निराश हुआ कि इसका उन पर क्या असर पड़ा। कोहली ऐसी स्थिति में और उग्र हो जाते हैं, लेकिन गिल अनिश्चित नजर आए, संजय मांजरेकर
उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ियों की स्लेजिंग व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गई थी, और गिल शायद ऐसे माहौल में पहले कभी नहीं रहे हैं। मांजरेकर का मानना है कि गिल अभी उस मानसिक दृढ़ता के स्तर तक नहीं पहुंचे हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूरी है।
मांजरेकर ने गिल की कप्तानी की भी तारीफ की, लेकिन उन्हें अपना नेतृत्व और स्वभाव निखारने की सलाह दी।शुभमन गिल एक युवा कप्तान हैं जिन्होंने अब तक उम्मीद से बढ़कर काम किया है। लेकिन अब समय है कि वह खुद तय करें कि वह कोहली, धोनी, या दोनों के बीच कहां खड़े हैं। उन्हें वो रास्ता तलाशना होगा जो उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों को संवार सके।
उन्होंने कहा कि आठ दिन का ब्रेक गिल के लिए राहत भरा हो सकता है और उम्मीद जताई कि मैनचेस्टर टेस्ट में गिल से बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
लॉर्ड्स टेस्ट के बाद भारत के कुछ खिलाड़ी चोटों से जूझ रहे हैं, जिससे गिल के नेतृत्व कौशल की परीक्षा और भी कड़ी हो सकती है। वहीं, गिल का खुद का प्रदर्शन अब चौथे टेस्ट में सबकी निगाहों में रहेगा।
तीसरे टेस्ट में मिली हार के बाद कप्तान शुभमन गिल आलोचनाओं के घेरे में, संजय मांजरेकर बोले –
Captain shubman gill is under criticism after the defeat in the third test, Sanjay manjrekar said