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स्थिर होने के बाद घटने लगा गंगा का जलस्तर, केंद्रीय जल आयोग ने फिर बढ़ने की जताई आशंका - Ganga water level started falling after stabilization, Central water commission expressed apprehension of increase again

स्थिर होने के बाद घटने लगा गंगा का जलस्तर, केंद्रीय जल आयोग ने फिर बढ़ने की जताई आशंका – Ganga water level started falling after stabilization, Central water commission expressed apprehension of increase again

संदीप – गंगा का जलस्तर लगातार 12 घंटे तक स्थिर रहने के बाद अब धीरे-धीरे घटने लगा है। शुक्रवार रात 9 बजे गंगा का जलस्तर 70.91 मीटर दर्ज किया गया, जो दोपहर 12 बजे से प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की दर से कम हो रहा है। हालांकि, केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने अगले सात दिनों में फिर से जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना जताई है। अनुमान है कि गंगा का जलस्तर 72 मीटर से ऊपर पहुंच सकता है।

गंगा का जलस्तर गिरने से तटीय इलाकों में आंशिक राहत जरूर मिली है, लेकिन अस्सी से राजघाट के बीच घाटों पर स्थित मंदिर अब भी जलमग्न हैं। दशाश्वमेध घाट की पुलिस चौकी में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जबकि मणिकर्णिका घाट पर शवदाह कार्य छतों पर हो रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में ही अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बाढ़ बुलेटिन में बताया गया है कि एक सप्ताह के भीतर जलस्तर में लगभग 1.5 मीटर तक वृद्धि हो सकती है, जिससे बनारस में गंगा फिर 72 मीटर के ऊपर पहुंच सकती है।

गंगा के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी से पहले ही वरुणा नदी का पानी शहर के कई इलाकों में घुस चुका है। तातेपुर, सलारपुर, रसूलगढ़, पैगंबरपुर, दनियालपुर, मौजहाल, शक्करतालाब, हिदायतनगर, तालिमनगर, मीरघाट और शैलपुत्री सहित दर्जनों इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में भर गया है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की ओर से राहत शिविर सक्रिय किए गए हैं, जहां दवा, भोजन और आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराई जा रही हैं। हालांकि, कई पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि राहत सामग्री का वितरण मनमाने तरीके से किया जा रहा है।

दीनदयालपुर के संतोष विश्वकर्मा, बेचन विश्वकर्मा, रोशन बानो, अजीत, रानी देवी और शोभा ने शिकायत की है कि उन्हें अब तक भोजन और दवा नहीं मिली। इसी प्रकार, पैगंबरपुर रूपनपुर के सुनील गुप्ता, अन्नु देवी, उमेश, जमाल अंसारी और नासिर हुसैन ने भी यही समस्या बताई।

बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जो लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं, उन्हें भी पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बुधवार को बाढ़ ग्रस्त इलाकों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया था कि किसी भी पीड़ित को राहत से वंचित न रखा जाए। बावजूद इसके, लेखपाल और कानूनगो पर मनमानी वितरण के आरोप लगे हैं।

 

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