उत्तर प्रदेश के भदोही ज़िले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने समाज में दहेज की कुप्रथा को एक बार फिर उजागर कर दिया है। गोपीगंज थाना क्षेत्र में दहेज की मांग पूरी न होने पर शादी के महज दो महीने बाद 22 वर्षीय नवविवाहिता रोशनी विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार को इस संबंध में जानकारी दी।
परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है। रोशनी के मायके वालों ने पति प्रदीप विश्वकर्मा और उसके परिवार पर गला दबाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। गोपीगंज थाना प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार सिंह के अनुसार, मृतका के भाई संजय कुमार विश्वकर्मा की शिकायत पर पति प्रदीप, सास राधा देवी, ससुर बलराम और ननद पूनम विश्वकर्मा के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने सहित भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
प्राथमिकी में बताया गया है कि रोशनी की शादी 6 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कोइरौना थाना क्षेत्र के सदाशिव पट्टी गांव निवासी प्रदीप विश्वकर्मा से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, विवाह में दहेज न मिलने पर ससुराल पक्ष ने 31 मई को धूमधाम से दूसरी शादी करने की धमकी दी और उसके बाद से ही रोशनी पर सोने के जेवर व नकद की मांग को लेकर दबाव बनाया जाने लगा।
परिजनों ने आरोप लगाया कि 15 जून को दहेज की मांग पूरी न होने पर रोशनी की गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए उसका शव 20 किलोमीटर दूर गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यूपी में दहेज न मिलने पर ससुराल वालों ने महिला की हत्या की, एफआईआर दर्ज –
In UP, in-laws killed woman after not getting dowry, FIR registered