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महंगाई पर नहीं, आंकड़ों की बाजीगरी पर केंद्रित है मोदी सरकार: कांग्रेस का आरोप - Modi government is focused on juggling of figures, not on inflation: Congress accuses

महंगाई पर नहीं, आंकड़ों की बाजीगरी पर केंद्रित है मोदी सरकार: कांग्रेस का आरोप – Modi government is focused on juggling of figures, not on inflation: Congress accuses

कांग्रेस ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महंगाई के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का ध्यान महंगाई कम करने पर नहीं, बल्कि इसके कम आंकड़े दिखाने पर है। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि भारत पिछले दस वर्षों से मोदी निर्मित महंगाई का सामना कर रहा है, जो खराब नीति-निर्माण और गलत प्राथमिकताओं का परिणाम है।

रमेश ने कहा, प्रधानमंत्री का पूरा ध्यान महंगाई कम करने के बजाय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़ों में हेरफेर करने पर है। उन्होंने बताया कि खाद्य, ईंधन और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति परिवहन और अन्य सेवाओं की लागत बढ़ा रही है, जिससे आम आदमी की समस्याएं बढ़ी हैं।

रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार अब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में खाद्य वस्तुओं के भार को कम करने की योजना बना रही है ताकि मुद्रास्फीति के वास्तविक प्रभाव को छिपाया जा सके। उन्होंने कहा, सीपीआई भार में बदलाव न केवल बेईमानी है, बल्कि इससे सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों की आय पर भी असर पड़ेगा।

रमेश ने बताया कि यूपीए सरकार की तुलना में महंगाई भत्ता और वेतन वृद्धि पहले ही कम हो चुकी है और अब इसमें और गिरावट आने वाली है। उन्होंने कहा, जब भाजपा सरकार जीडीपी वृद्धि दर में पिछड़ने लगी, तो आधार वर्ष बदलकर कृत्रिम रूप से वृद्धि दर बढ़ाने की कोशिश की गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार के वादों में भी आंकड़ों के साथ खेल किया गया। रमेश ने कहा कि हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन बेरोजगारी बढ़ने पर सर्वेक्षणों और रिपोर्टों को या तो बंद कर दिया गया या उनमें हेरफेर की गई।

रमेश ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) की वेबसाइट पर पड़ोसी देशों के साथ ईंधन की कीमतों की तुलना की जानकारी उपलब्ध थी। मोदी सरकार ने इस डेटा को अपनी वेबसाइट से हटा दिया और तेल कंपनियों को रिकॉर्ड मुनाफा कमाने की अनुमति दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल और डीजल पर करों के माध्यम से सरकार ने जनता से 36 लाख करोड़ रुपये का राजस्व वसूला है। उन्होंने कहा, एक ऐसी सरकार जो प्रचार और आंकड़ों में हेरफेर पर केंद्रित हो, उस पर जनता के कल्याण के लिए काम करने का भरोसा नहीं किया जा सकता।

 

महंगाई पर नहीं, आंकड़ों की बाजीगरी पर केंद्रित है मोदी सरकार: कांग्रेस का आरोप –

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