टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ चल रहे मैनचेस्टर टेस्ट 2025 में बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत पहले दिन पैर में चोट लगने के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे। हालांकि, दूसरे दिन उन्होंने दर्द के बावजूद मैदान पर उतरकर अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर ने एक शानदार गेंद पर उनका स्टंप उखाड़ दिया।
पहले दिन जब पंत 37 रन पर थे, तो उन्होंने क्रिस वोक्स की एक यॉर्कर पर रिवर्स स्वीप करने की कोशिश की, जो सीधे उनके दाहिने पैर के अंगूठे पर लगी। बाद में पता चला कि उन्हें फ्रैक्चर हो गया है। अब यह स्पष्ट नहीं है कि वह दूसरी पारी में बल्लेबाजी करेंगे या नहीं।
इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ ज्योफ्री बॉयकॉट ने ऋषभ पंत की चोट पर द टेलीग्राफ पॉडकास्ट में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा जब कोई खिलाड़ी चोटिल होता है और खेल में अपनी भूमिका निभाने में असमर्थ हो जाता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होता है। खासकर जब वह इतना प्रतिभाशाली हो। लेकिन इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है।
बॉयकॉट ने यह भी कहा कि भारत उस समय अच्छी स्थिति में था, इसलिए पंत को जोखिमभरा शॉट खेलने की ज़रूरत नहीं थी। उन्होंने आगे कहा ऋषभ शानदार स्ट्रोक्स खेलते हैं, और जब वो लगते हैं, तो लोग उनकी तारीफ़ करते हैं। लेकिन जब वे सफल नहीं होते, तो वही शॉट्स बेमतलब और नुकसानदायक साबित होते हैं।
पंत की गंभीर चोट ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या टेस्ट क्रिकेट में भी चोटिल खिलाड़ियों के लिए समान सब्स्टीट्यूट की अनुमति दी जानी चाहिए। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज़ डेविड लॉयड ने इस विषय पर अपनी राय दी।
लॉयड ने टॉकस्पोर्ट क्रिकेट से बात करते हुए कहा मैं धावकों (रनर्स) के पक्ष में नहीं हूं, लेकिन अगर कोई खिलाड़ी बाहर से लगी गंभीर चोट के कारण खेलने में असमर्थ है, तो सब्स्टीट्यूट की अनुमति मिलनी चाहिए। अगर खिलाड़ी छह हफ्तों तक नहीं खेल सकता, तो एक समान खिलाड़ी को लाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह विकल्प एक बल्लेबाज़ की जगह स्पिनर को लाने जैसा नहीं होना चाहिए, बल्कि तुलनीय प्रतिभा वाला विकल्प होना चाहिए।
ऋषभ पंत की चोट से मैनचेस्टर टेस्ट में टीम इंडिया को झटका, इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी ने उठाए अहम सवाल –
Rishabh pant injury shocked team india in manchester test, England veteran player raised important questions