इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज के दौरान एक सवाल लगातार चर्चा में रहा भारतीय क्रिकेट टीम की कमान असल में किसके पास है? क्या टीम की रणनीति और फैसलों की कमान कप्तान शुभमन गिल के हाथ में है या फिर कोच गौतम गंभीर के?
जब से शुभमन गिल को टीम इंडिया का कप्तान नियुक्त किया गया, तब से यह बहस शुरू हो गई कि क्या वह गंभीर जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व के सामने अपनी बात रखने में सक्षम होंगे।
गिल ने कप्तान के तौर पर शानदार शुरुआत की। उन्होंने दो शतक और एक दोहरा शतक जमाया, जिससे उम्मीदें और भी बढ़ीं। लेकिन इसके बाद उनकी फॉर्म और टीम की परफॉर्मेंस में गिरावट देखने को मिली।
जब टीम में कुलदीप यादव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला, तो फिर से यह सवाल खड़ा हुआ कि आखिर टीम का चयन कौन कर रहा है? क्या अंतिम निर्णय कोच ले रहे हैं, या कप्तान? भारत ने चौथे टेस्ट में इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दे दी। इसके बाद कप्तान-कोच संयोजन पर सवाल और तेज़ हो गए।
सोनी स्पोर्ट्स पर हर्षा भोगले ने इस मुद्दे को उठाया और सुनील गावस्कर से पूछा शुभमन गिल के लिए गौतम गंभीर या किसी कोचिंग स्टाफ़ के पास जाकर यह कहना कि जेंटलमैन, यह मेरी टीम है कितना आसान या मुश्किल होगा?
इस पर गावस्कर ने जवाब दिया हमारे जमाने में कोच नहीं होते थे। हमारे पास टीम मैनेजर या सहायक मैनेजर होते थे, जो पूर्व खिलाड़ी हुआ करते थे। वे सलाह जरूर देते थे, लेकिन अंतिम निर्णय कप्तान का ही होता था।
गावस्कर ने आगे कहा मेरे समय में विंग कमांडर दुर्रानी, राज सिंह डूंगरपुर जैसे लोग थे। बस एक बार इरापल्ली प्रसन्ना को कोच बनाया गया और वह बेहतरीन थे। लेकिन अंततः टीम की जिम्मेदारी कप्तान की होती है।
गावस्कर ने स्पष्ट किया कि चाहे टीम चयन हो या रणनीति, कप्तान ही मुख्य जिम्मेदार होता है। आप यह नहीं कह सकते कि फलां खिलाड़ी को कोच नहीं चाहता था। अगर किसी को टीम में होना चाहिए था, जैसे शार्दुल ठाकुर या कुलदीप यादव, और वे नहीं थे तो यह कप्तान का ही फैसला है। लोग कप्तान को जिम्मेदार ठहराते हैं, और सही भी यही है।
शुभमन गिल या गौतम गंभीर, टीम इंडिया की असली कमान किसके हाथ में? –
Shubman gill or Gautam gambhir, who has the real command of team india?