भारत को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में 22 रनों से करीबी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ शुभमन गिल ने टीम के प्रदर्शन पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि पांच दिन तक चला यह मुकाबला अंतिम सत्र तक रोमांचक बना रहा और टीम ने जीत की पूरी कोशिश की।
मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में गिल ने कहा मुझे बेहद गर्व है कि यह एक बेहद करीबी टेस्ट मैच था, जो पाँच दिनों तक चला और आखिरी सत्र तक गया। मुझे पूरा भरोसा था कि हमारे पास पर्याप्त बल्लेबाज़ी है और हम जीत की संभावनाएँ बना सकते हैं। हमें कुछ अर्धशतकीय साझेदारियों की ज़रूरत थी, लेकिन हम वैसा नहीं कर पाए।
गिल ने स्वीकार किया कि पहली पारी में ऋषभ पंत का रन आउट होना टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने कहा कि यदि पंत आउट न होते, तो भारत को 70 से 80 रनों की अहम बढ़त मिल सकती थी और फिर पांचवें दिन की कठिन पिच पर 200 रनों का पीछा करने की नौबत नहीं आती। यह निर्णय की भूल थी और ऐसा हो सकता है। अगर आप ध्यान दें, तो केएल भाई खतरे के छोर पर दौड़ रहे थे।
इस सवाल पर, जो कि केएल राहुल और पंत की लंच से पहले शतक की चर्चा को लेकर उठाया गया था, गिल ने कहा कि टीम के भीतर इस विषय पर बातचीत जरूर हुई है, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य बताया।
गिल ने रवींद्र जडेजा की संयमित बल्लेबाज़ी की प्रशंसा की, जिन्होंने 181 गेंदों पर नाबाद 61 रन बनाए और जसप्रीत बुमराह व मोहम्मद सिराज के साथ मिलकर टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया था। जडेजा भाई बहुत अनुभवी हैं और कोई विशेष संदेश नहीं भेजा गया था। उन्होंने पुछल्ले बल्लेबाज़ों के साथ शानदार बल्लेबाज़ी की।
गिल ने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि भारत यह टेस्ट और पिछला मुकाबला हार गया, लेकिन टीम ने टेस्ट सीरीज़ के 15 दिनों में से अधिकांश समय अच्छा प्रदर्शन किया। सीरीज़ का स्कोरकार्ड यह नहीं दर्शाएगा कि हमने कैसा प्रदर्शन किया है। जिन सत्रों में हम कमजोर पड़े, वे इतने निर्णायक थे कि मैच हमारे हाथ से निकल गया।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में मिली हार के बाद शुभमन गिल ने टीम के संघर्ष को सराहा –
Shubman gill praised the team fight after the defeat in the third test against england