गणेश चतुर्थी, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्योहार है। इस दिन भगवान गणेश की प्रतिमा को घरों और पंडालों में विधिपूर्वक स्थापित किया जाता है। पूजा के दौरान अगर आप वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करें, तो यह न केवल धार्मिक दृष्टि से शुभ होता है बल्कि आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि भी लेकर आता है।
गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए वास्तु के अनुसार सही दिशा और स्थान
गणेश जी की मूर्ति को स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी का उपयोग करना शुभ माना जाता है।
चौकी को घर के उत्तर-पूर्व कोने (ईशान कोण) में रखें।
इसी दिशा में बप्पा की प्रतिमा स्थापित करें और आसपास का स्थान फूलों, केले के पत्तों आदि से सजाएं।
ऐसा करने से घर में शांति, समृद्धि और सुख बना रहता है।
मुख्य द्वार की सजावट: विघ्नहर्ता के स्वागत की तैयारी
गणेश चतुर्थी के अवसर पर मुख्य द्वार की सजावट विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यहीं से गणपति बप्पा आपके घर में प्रवेश करते हैं।
आम के पत्तों का बंदनवार मुख्य द्वार पर अवश्य लगाएं।
दरवाजे पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और रंगोली से सजावट करें।
यह सब करने से वास्तु दोष दूर होते हैं और जीवन में आने वाली विघ्न-बाधाएं समाप्त होती हैं।
घर की सजावट में इन शुभ रंगों का करें उपयोग
गणेश चतुर्थी के दिन घर सजाते समय रंगों का चयन वास्तु अनुसार करना बेहद जरूरी है।
शुभ रंग: लाल, गुलाबी, पीला और हरा।
बचें इनसे: काला, भूरा और गहरा नीला रंग।
शुभ रंगों के प्रयोग से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
गणेश चतुर्थी 2025 पर इन वास्तु नियमों का पालन करें, सुख-समृद्धि और गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करें –
Follow these vastu rules on ganesh chaturthi 2025 to get happiness, prosperity and blessings of ganpati bappa