पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया विदेश दौरों पर की गई टिप्पणी को लेकर विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कड़ी आपत्ति जताई है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बिना नाम लिए मान के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि किसी राज्य के मुखिया को इस प्रकार की बयानबाजी शोभा नहीं देती।
भगवंत मान ने पीएम मोदी के ब्राजील, घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना और नामीबिया जैसे देशों के दौरे पर तंज कसते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री ऐसे देशों की यात्रा कर रहे हैं जहां की जनसंख्या 10 हजार से भी कम है। मान ने व्यंग्य में कहा, इतने लोग तो हमारे यहां जेसीबी देखने खड़े हो जाते हैं।
रणधीर जायसवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हमने एक राज्य के मुखिया द्वारा हमारे मित्र देशों के साथ भारत के संबंधों को लेकर की गई कुछ टिप्पणियां देखी हैं। यह बयानबाजी खेदजनक है और भारत सरकार इससे खुद को अलग रखती है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति सम्मान और रणनीतिक हितों पर आधारित है, और ऐसे बयान भारत की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जुलाई को घाना की संसद को संबोधित किया। उन्होंने इसे एक गौरवपूर्ण क्षण बताया और कहा कि घाना लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा देने वाली भूमि है। पीएम मोदी को घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा द्वारा ‘नेशनल अवॉर्ड’ से सम्मानित भी किया गया। मोदी ने कहा, हमारी दोस्ती घाना के मशहूर अनानास से भी मीठी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो में भारत और वहां के गहरे सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि त्रिनिदाद में बनारस, पटना और दिल्ली जैसे शहरों के नाम पर सड़कें हैं, और नवरात्रि, महाशिवरात्रि जैसे त्योहार वहां उत्साह से मनाए जाते हैं।
5 जुलाई को पीएम मोदी ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलई से मुलाकात की। यह पीएम मोदी का अर्जेंटीना का दूसरा दौरा था। दोनों नेताओं ने ब्यूनस आयर्स में डेलिगेशन स्तर पर विस्तृत बातचीत की, जिससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील में आयोजित 17वीं BRICS समिट में हिस्सा लिया और ग्लोबल साउथ के हितों की पैरवी की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया और कहा कि यह पूरी इंसानियत पर हमला है।
पीएम मोदी की यह नामीबिया की पहली और किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की तीसरी यात्रा थी। इससे पहले 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी और 1990 में वीपी सिंह नामीबिया गए थे। मोदी की इस यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा दी।
प्रधानमंत्री मोदी को अब तक 27 देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। यह सिलसिला 2016 में शुरू हुआ था और 2025 के शुरुआती सात महीनों में ही उन्हें 7 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। सम्मान देने वाले देशों में 8 मुस्लिम देश—कुवैत, मिस्र, बहरीन, मालदीव, यूएई, फिलिस्तीन, अफगानिस्तान और सऊदी अरब—भी शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने भगवंत मान के पीएम मोदी पर तंज को लेकर दी कड़ी प्रतिक्रिया –
The ministry of external affairs gave a strong reaction to bhagwant mann jibe on PM modi