भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव के लिए अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। इन तीनों राज्यों में अब जल्द ही बीजेपी की राज्य इकाइयों को नया अध्यक्ष मिलने वाला है। पार्टी नेतृत्व की योजना है कि 13-14 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया को पूर्ण कर, इसके बाद नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की दिशा में आगे बढ़ा जाए।
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी 21 जुलाई से पहले अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है, क्योंकि इसी दिन से संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जून 2024 में ही समाप्त हो चुका है, और वह तब से एक्सटेंशन पर पार्टी की कमान संभाल रहे हैं। साथ ही वह अब केंद्रीय मंत्री भी हैं, ऐसे में संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने के लिए नया अध्यक्ष चुनना जरूरी हो गया है।
बीजेपी के संगठनात्मक नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्षों का चयन अनिवार्य होता है। चूंकि अधिकांश राज्यों में यह प्रक्रिया अधूरी थी, इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी लगातार टलता रहा। अब पार्टी नेतृत्व ने इस प्रक्रिया में तेजी लाते हुए राज्यों में नए अध्यक्ष नियुक्त करने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंप दी है।
किन राज्यों की जिम्मेदारी किसे मिली?
महाराष्ट्र – किरेन रिजिजू
पश्चिम बंगाल – रविशंकर प्रसाद
उत्तराखंड – हर्ष मल्होत्रा
मध्य प्रदेश – धर्मेंद्र प्रधान
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे अहम राज्यों में भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर असमंजस की स्थिति में है। यूपी में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में वहां संगठन को मजबूत करना प्राथमिकता होगी। वहीं, मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव लगभग छह महीने से लंबित है। अब संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर एमपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है।
महाराष्ट्र, बंगाल और उत्तराखंड में कौन होगा बीजेपी अध्यक्ष? पार्टी ने इन नेताओं को सौंपी चुनाव की जिम्मेदारी –
Who will be the BJP president in maharashtra, bengal and uttarakhand? The party has handed over the responsibility of election to these leaders