प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ओडिशा के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने भुवनेश्वर में भव्य रोड शो किया और एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। यह दौरा ओडिशा में बीजेपी सरकार के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह का हिस्सा था। इस अवसर पर पीएम मोदी ने राज्य को 18,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
रोड शो के दौरान भुवनेश्वर की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ओडिशा की जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनका स्नेह उन्हें बार-बार ओडिशा खींच लाता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में G7 समिट के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें निमंत्रण भेजा था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया क्योंकि उन्हें महाप्रभु की धरती यानी ओडिशा आना अधिक जरूरी लगा।
पीएम मोदी ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप ने मुझे अमेरिका आने का निमंत्रण दिया था, लेकिन मैंने विनम्रता से मना कर दिया। मैंने कहा कि मुझे ओडिशा आना है, महाप्रभु की धरती पर जाना है।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने पुरी के श्रीमंदिर से जुड़े फैसलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रीमंदिर के चारों द्वारों को खोलने और रत्न भंडार को खोलने का निर्णय करोड़ों भक्तों की आस्था का सम्मान है, यह किसी राजनीतिक विजय का विषय नहीं बल्कि श्रद्धा का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ओडिशा केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का चमकता सितारा है। उन्होंने कहा, ओडिशा भारतीय सभ्यता और संस्कृति को सैकड़ों वर्षों से समृद्ध करता आया है। जब विकास और विरासत साथ चलते हैं, तो ओडिशा की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
डोनाल्ड ट्रंप के न्योते पर भी अमेरिका क्यों नहीं गए मोदी? पीएम ने बताई वजह –
Why did modi not go to america even on donald trump invitation? PM told the reason