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पंजाब सरकार ने प्रदेश की खेल विरासत को फिर से जीवंत किया: मोहिंदर भगत

पंजाब सरकार ने प्रदेश की खेल विरासत को फिर से जीवंत किया: मोहिंदर भगत

कैबिनेट मंत्री ने जालंधर में ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां-2026 ’ के तहत राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की शुरुआत की

जालंधर, 10 अक्तूबर: पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने आज सरकारी आर्ट्स एंड स्पोर्ट्स कॉलेज, जालंधर में ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां-2026 ’ के तहत राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का औपचारिक उद्घाटन किया। इन खेलों के दौरान वॉलीबॉल, शूटिंग, शतरंज और टेबल टेनिस के शानदार मुकाबले होंगे।

इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने शुभकामनाएं दीऔर कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों के क्षेत्र में पंजाब की प्राचीन शान को फिर से जीवंत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

श्री भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान, जो स्वयं बहुत बड़े खेल प्रेमी हैं, ने फुटबॉल और हॉकी से लेकर वॉलीबॉल तक सभी खेलों के विकास को लगातार प्राथमिकता दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश से नशे की समस्या को खत्म करने के लिए खेलों को बढ़ावा देना एक अहम कदम है। उन्होंने आगे कहा कि एक खिलाड़ी कभी भी नशे में नहीं पड़ता और खेल हमारे युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का सबसे कारगर हथियार है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार द्वारा 1,800 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह राशि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मॉडल खेल मैदानों के निर्माण के लिए उपयोग की जा रही है, ताकि गांवों के खिलाड़ियों को उच्च-स्तरीय सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को आहार और प्रशिक्षण के लिए पहले ही वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, ताकि किसी भी योग्य खिलाड़ी को वित्तीय बाधाओं का सामना न करना पड़े।

श्री भगत ने जिला प्रशासन और खेल विभाग द्वारा किए गए व्यवस्थित प्रबंधों की भी सराहना की और सभी युवा प्रतिभागियों को समर्पण, दृढ़ता और सच्ची खेल भावना के साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित किया।

इससे पहले जिला खेल अधिकारी गुरप्रीत सिंह बाजवा, तैराकी कोच उमेश शर्मा, वॉलीबॉल कोच अमृतपाल सिंह, पलविंदर कौर, शतरंज कोच दिनेश घेरा तथा खिलाड़ियों और अधिकारियों द्वारा कैंपस में पहुंचने पर मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया।

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